अर्थ और भाषा

नाम के अर्थ, उसकी मूल भाषा और ऐतिहासिक प्रयोग के लिए अलग प्रमाण चाहिए। शब्दकोश या नाम संदर्भ की प्रविष्टि हर नाम के स्रोतों में दी जाती है। एक रोमन वर्तनी कई भाषाओं के शब्दों का प्रतिनिधित्व कर सकती है। हर पाठ की भाषा, लिखित रूप और संदर्भ अलग रखे जाते हैं।

मिश्रित नाम में उन्हीं अंशों का अर्थ दिया जाता है जिनके लिए स्रोत उपलब्ध हैं। मिलते-जुलते शब्द को अपने आप नाम का मूल नहीं माना जाता। भाषा शब्द का मूल बताती है, व्यक्ति की पृष्ठभूमि नहीं।

वर्तनी और लिपि

लिखित रूप अभिलेख या उद्धृत शब्दकोश से होना चाहिए। दक्षिण की भाषाओं के नाम का अपना लिपि रूप उपलब्ध हो तो वही प्रमुख रूप रहता है। हर लिपि के रिकॉर्ड अलग हैं और उन्हें आपस में जोड़ा नहीं जाता। प्रचलित वैकल्पिक वर्तनियाँ अलग नामों में अपने आप नहीं मिलाई जातीं।

भारत में ऐतिहासिक प्रयोग

Naampy के संस्करण ३ का प्रकाशन १० जून २०२५ को हुआ। यह पुरानी मतदाता सूचियों के समेकित आँकड़े देता है, मुख्यतः वयस्कों के। जन्म वर्ष १९१० से पहले और २००१ के बाद के रिकॉर्ड बाहर रखे जाते हैं। हर मूल सूची का वर्ष उपलब्ध नहीं है और उम्र में त्रुटियाँ हो सकती हैं।

गिनती के साथ कम से कम सौ रिकॉर्ड होना आवश्यक है। छोटे वर्गों को केवल दूसरे छिपे वर्ग के साथ समूह में दिखाया जा सकता है, जब समूह में भी कम से कम सौ रिकॉर्ड हों। आवश्यक होने पर दूसरी गिनती भी छिपाई जाती है। छिपा आँकड़ा शून्य नहीं है। किसी अकेले छिपे वर्ग की गिनती घटाकर नहीं निकाली जाती।

जन्म समूह का अनुपात उसके पूरे दशक के रिकॉर्ड से निकलता है। मध्य जन्म दशक तभी दिखाया जाता है जब छिपे वर्ग उसे बदल नहीं सकते। २००० का दशक केवल २०००–२००१ को शामिल करता है और तुलना के चार्ट से बाहर रहता है।

भौगोलिक सीमाएँ

तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। तेलंगाना आंध्र प्रदेश में शामिल है। पुडुचेरी अलग दर्ज है। पुराने राज्य समूहों को वर्तमान सीमाओं के साथ एक जैसा नहीं माना जाता।

दर्ज लिंग

महिला और पुरुष स्रोत में दर्ज वर्ग हैं। किसी नाम के अस्सी प्रतिशत से अधिक रिकॉर्ड एक वर्ग में हों तो उसे मुख्यतः उस वर्ग में दर्ज कहा जाता है। बीस से अस्सी प्रतिशत के बीच दोनों वर्गों में प्रयोग दिखाया जाता है। इससे किसी व्यक्ति की पहचान निर्धारित नहीं होती।

विदेशों के जन्म पंजीकरण

इंग्लैंड और वेल्स तथा स्कॉटलैंड के सरकारी प्रकाशनों में नाम की ठीक उसी वर्तनी के जन्म आँकड़े मिलते हैं। हर देश, वर्ष और दर्ज लिंग के आँकड़े अलग रहते हैं। वे नाम रखने वाले लोगों की पृष्ठभूमि नहीं बताते।

स्रोत और उपयोग की शर्तें