लिखित रूप
| लिपि | रूप | पुराने अभिलेख |
|---|---|---|
| देवनागरी | बबन | — |
हर लिपि के आँकड़े अलग हैं। अलग लिपियों के रिकॉर्ड जोड़कर कुल नहीं निकाला जाता।
पुरानी मतदाता सूचियों के समेकित आँकड़े
भारत में बबन नाम का प्रयोग
३०,३८७ पुराने अभिलेख। ये मुख्यतः वयस्कों के रिकॉर्ड हैं, वर्तमान नवजात शिशुओं के नामों की गिनती नहीं।
| वर्ग | अभिलेख |
|---|---|
| महिला | २,२०७ |
| पुरुष | २८,१८० |
जन्म दशक के अनुसार अनुपात
हर जन्म समूह के एक लाख अभिलेखों में इस नाम का अनुपात। किसी दशक में अधिक रिकॉर्ड होने से उसका अनुपात अधिक होना आवश्यक नहीं है।
जन्म दशक के अनुसार मूल गिनती
| जन्म दशक | अभिलेख |
|---|---|
| १९३० का दशक | ५१४ |
| १९४० का दशक | २,२१७ |
| १९५० का दशक | ५,४२१ |
| १९६० का दशक | ७,७४० |
| १९७० का दशक | ७,०४१ |
| १९८० का दशक | ४,५९२ |
| १९९० का दशक | २,७४२ |
| अन्य दशक | १२० |
राज्य या केंद्रशासित प्रदेश
| राज्य या प्रदेश | अभिलेख |
|---|---|
| बिहार | २१,४७९ |
| झारखंड | २,६३४ |
| उत्तर प्रदेश | २,२६८ |
| मध्य प्रदेश | १,६१५ |
| महाराष्ट्र | १,४२५ |
| पंजाब | २५५ |
| गोवा | १४० |
| दिल्ली | ११९ |
| हरियाणा | ११७ |
| अन्य राज्य | ३३५ |
स्रोत: Naampy, संस्करण ३, भारत, १० जून २०२५। जन्म वर्ष १९१०–२००१। सौ से कम गिनती और आवश्यकता होने पर एक दूसरी गिनती भी छिपाई जाती है। छिपी गिनती का अर्थ शून्य नहीं है।
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। तेलंगाना आंध्र प्रदेश में शामिल है। पुडुचेरी अलग दर्ज है।
स्रोत और संदर्भ
स्रोत में दिए शब्द का अर्थ और नाम का प्रयोग अलग प्रमाण हैं। अर्थ और आँकड़ों की पद्धति पढ़ें।