लिखित रूप
| लिपि | रूप | पुराने अभिलेख |
|---|---|---|
| देवनागरी | बदरी | — |
हर लिपि के आँकड़े अलग हैं। अलग लिपियों के रिकॉर्ड जोड़कर कुल नहीं निकाला जाता।
पुरानी मतदाता सूचियों के समेकित आँकड़े
भारत में बदरी नाम का प्रयोग
१८,७३६ पुराने अभिलेख। ये मुख्यतः वयस्कों के रिकॉर्ड हैं, वर्तमान नवजात शिशुओं के नामों की गिनती नहीं।
| वर्ग | अभिलेख |
|---|---|
| महिला | १,३१७ |
| पुरुष | १७,४१९ |
जन्म दशक के अनुसार अनुपात
हर जन्म समूह के एक लाख अभिलेखों में इस नाम का अनुपात। किसी दशक में अधिक रिकॉर्ड होने से उसका अनुपात अधिक होना आवश्यक नहीं है।
जन्म दशक के अनुसार मूल गिनती
| जन्म दशक | अभिलेख |
|---|---|
| १९३० का दशक | १,०९२ |
| १९४० का दशक | २,८९९ |
| १९५० का दशक | ४,६०५ |
| १९६० का दशक | ४,८७८ |
| १९७० का दशक | २,९०६ |
| १९८० का दशक | १,५८५ |
| १९९० का दशक | ५५० |
| अन्य दशक | २२१ |
राज्य या केंद्रशासित प्रदेश
| राज्य या प्रदेश | अभिलेख |
|---|---|
| राजस्थान | ८,०७५ |
| बिहार | ४,५६७ |
| उत्तर प्रदेश | २,२०९ |
| झारखंड | २,०१३ |
| मध्य प्रदेश | ५६० |
| पंजाब | ५२० |
| हरियाणा | ३२१ |
| हिमाचल प्रदेश | २६० |
| अन्य राज्य | २११ |
स्रोत: Naampy, संस्करण ३, भारत, १० जून २०२५। जन्म वर्ष १९१०–२००१। सौ से कम गिनती और आवश्यकता होने पर एक दूसरी गिनती भी छिपाई जाती है। छिपी गिनती का अर्थ शून्य नहीं है।
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। तेलंगाना आंध्र प्रदेश में शामिल है। पुडुचेरी अलग दर्ज है।
स्रोत और संदर्भ
स्रोत में दिए शब्द का अर्थ और नाम का प्रयोग अलग प्रमाण हैं। अर्थ और आँकड़ों की पद्धति पढ़ें।