लिखित रूप
| लिपि | रूप | पुराने अभिलेख |
|---|---|---|
| देवनागरी | जगत | — |
| गुरमुखी | ਜਗਤ | — |
हर लिपि के आँकड़े अलग हैं। अलग लिपियों के रिकॉर्ड जोड़कर कुल नहीं निकाला जाता।
पुरानी मतदाता सूचियों के समेकित आँकड़े
भारत में जगत नाम का प्रयोग
६६,८२२ पुराने अभिलेख। ये मुख्यतः वयस्कों के रिकॉर्ड हैं, वर्तमान नवजात शिशुओं के नामों की गिनती नहीं।
| वर्ग | अभिलेख |
|---|---|
| महिला | १,७२६ |
| पुरुष | ६५,०९६ |
जन्म दशक के अनुसार अनुपात
हर जन्म समूह के एक लाख अभिलेखों में इस नाम का अनुपात। किसी दशक में अधिक रिकॉर्ड होने से उसका अनुपात अधिक होना आवश्यक नहीं है।
जन्म दशक के अनुसार मूल गिनती
| जन्म दशक | अभिलेख |
|---|---|
| १९३० का दशक | २,१५२ |
| १९४० का दशक | ६,०९५ |
| १९५० का दशक | १०,१७५ |
| १९६० का दशक | १३,९१२ |
| १९७० का दशक | १४,७७८ |
| १९८० का दशक | १२,५७० |
| १९९० का दशक | ६,५३८ |
| अन्य दशक | ६०२ |
राज्य या केंद्रशासित प्रदेश
| राज्य या प्रदेश | अभिलेख |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | २४,९८५ |
| मध्य प्रदेश | ७,२४७ |
| उत्तराखंड | ७,१५९ |
| बिहार | ६,८३३ |
| हरियाणा | ४,८९५ |
| हिमाचल प्रदेश | ४,६२४ |
| दिल्ली | २,३८३ |
| झारखंड | २,१८१ |
| पंजाब | २,०७४ |
| असम | १,७७४ |
| राजस्थान | १,२७७ |
| महाराष्ट्र | २०६ |
| आंध्र प्रदेश | २०२ |
| सिक्किम | १८३ |
| चंडीगढ़ | १८० |
| त्रिपुरा | १६५ |
| केरल | १४० |
| अन्य राज्य | ३१४ |
स्रोत: Naampy, संस्करण ३, भारत, १० जून २०२५। जन्म वर्ष १९१०–२००१। सौ से कम गिनती और आवश्यकता होने पर एक दूसरी गिनती भी छिपाई जाती है। छिपी गिनती का अर्थ शून्य नहीं है।
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। तेलंगाना आंध्र प्रदेश में शामिल है। पुडुचेरी अलग दर्ज है।
अर्थ से जुड़ी सूचियाँ
स्रोत और संदर्भ
स्रोत में दिए शब्द का अर्थ और नाम का प्रयोग अलग प्रमाण हैं। अर्थ और आँकड़ों की पद्धति पढ़ें।