लिखित रूप
| लिपि | रूप | पुराने अभिलेख |
|---|---|---|
| गुरमुखी | ਪੂਰਨ | — |
| देवनागरी | पूरन | — |
हर लिपि के आँकड़े अलग हैं। अलग लिपियों के रिकॉर्ड जोड़कर कुल नहीं निकाला जाता।
पुरानी मतदाता सूचियों के समेकित आँकड़े
भारत में पूरन नाम का प्रयोग
१,३५,२९० पुराने अभिलेख। ये मुख्यतः वयस्कों के रिकॉर्ड हैं, वर्तमान नवजात शिशुओं के नामों की गिनती नहीं।
| वर्ग | अभिलेख |
|---|---|
| महिला | ११,७४३ |
| पुरुष | १,२३,५४७ |
जन्म दशक के अनुसार अनुपात
हर जन्म समूह के एक लाख अभिलेखों में इस नाम का अनुपात। किसी दशक में अधिक रिकॉर्ड होने से उसका अनुपात अधिक होना आवश्यक नहीं है।
जन्म दशक के अनुसार मूल गिनती
| जन्म दशक | अभिलेख |
|---|---|
| १९३० का दशक | ३,३९४ |
| १९४० का दशक | १०,३५२ |
| १९५० का दशक | १९,६१७ |
| १९६० का दशक | २९,६५७ |
| १९७० का दशक | ३०,०४६ |
| १९८० का दशक | २६,२९७ |
| १९९० का दशक | १५,३०३ |
| अन्य दशक | ६२४ |
राज्य या केंद्रशासित प्रदेश
| राज्य या प्रदेश | अभिलेख |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | ५१,५८९ |
| मध्य प्रदेश | २७,००९ |
| राजस्थान | २६,०४८ |
| उत्तराखंड | १८,१८३ |
| बिहार | ४,१०७ |
| पंजाब | २,७२५ |
| झारखंड | २,३२६ |
| हरियाणा | २,०९५ |
| हिमाचल प्रदेश | ५०५ |
| दिल्ली | ४५१ |
| चंडीगढ़ | ११३ |
| अन्य राज्य | १३९ |
स्रोत: Naampy, संस्करण ३, भारत, १० जून २०२५। जन्म वर्ष १९१०–२००१। सौ से कम गिनती और आवश्यकता होने पर एक दूसरी गिनती भी छिपाई जाती है। छिपी गिनती का अर्थ शून्य नहीं है।
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। तेलंगाना आंध्र प्रदेश में शामिल है। पुडुचेरी अलग दर्ज है।
स्रोत और संदर्भ
स्रोत में दिए शब्द का अर्थ और नाम का प्रयोग अलग प्रमाण हैं। अर्थ और आँकड़ों की पद्धति पढ़ें।