लिखित रूप
| लिपि | रूप | पुराने अभिलेख |
|---|---|---|
| देवनागरी | सजीवन | — |
हर लिपि के आँकड़े अलग हैं। अलग लिपियों के रिकॉर्ड जोड़कर कुल नहीं निकाला जाता।
पुरानी मतदाता सूचियों के समेकित आँकड़े
भारत में सजीवन नाम का प्रयोग
१७,५६५ पुराने अभिलेख। ये मुख्यतः वयस्कों के रिकॉर्ड हैं, वर्तमान नवजात शिशुओं के नामों की गिनती नहीं।
| वर्ग | अभिलेख |
|---|---|
| महिला | ६९५ |
| पुरुष | १६,८७० |
जन्म दशक के अनुसार अनुपात
हर जन्म समूह के एक लाख अभिलेखों में इस नाम का अनुपात। किसी दशक में अधिक रिकॉर्ड होने से उसका अनुपात अधिक होना आवश्यक नहीं है।
जन्म दशक के अनुसार मूल गिनती
| जन्म दशक | अभिलेख |
|---|---|
| १९४० का दशक | ४६९ |
| १९५० का दशक | १,२८३ |
| १९६० का दशक | ४,९०६ |
| १९७० का दशक | ७,१४१ |
| १९८० का दशक | २,६९९ |
| १९९० का दशक | ९१९ |
| अन्य दशक | १४८ |
राज्य या केंद्रशासित प्रदेश
| राज्य या प्रदेश | अभिलेख |
|---|---|
| केरल | ९,८०७ |
| उत्तर प्रदेश | ४,८०६ |
| बिहार | १,७९० |
| मध्य प्रदेश | ४७६ |
| झारखंड | ३८५ |
| पंजाब | १८४ |
| अन्य राज्य | ११७ |
स्रोत: Naampy, संस्करण ३, भारत, १० जून २०२५। जन्म वर्ष १९१०–२००१। सौ से कम गिनती और आवश्यकता होने पर एक दूसरी गिनती भी छिपाई जाती है। छिपी गिनती का अर्थ शून्य नहीं है।
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। तेलंगाना आंध्र प्रदेश में शामिल है। पुडुचेरी अलग दर्ज है।
अर्थ से जुड़ी सूचियाँ
स्रोत और संदर्भ
स्रोत में दिए शब्द का अर्थ और नाम का प्रयोग अलग प्रमाण हैं। अर्थ और आँकड़ों की पद्धति पढ़ें।