लिखित रूप
| लिपि | रूप | पुराने अभिलेख |
|---|---|---|
| देवनागरी | शोख़ | — |
| देवनागरी | शोख | १४,८४२ |
हर लिपि के आँकड़े अलग हैं। अलग लिपियों के रिकॉर्ड जोड़कर कुल नहीं निकाला जाता।
पुरानी मतदाता सूचियों के समेकित आँकड़े
भारत में शोख़ नाम का प्रयोग
२१,९७३ पुराने अभिलेख। ये मुख्यतः वयस्कों के रिकॉर्ड हैं, वर्तमान नवजात शिशुओं के नामों की गिनती नहीं।
| वर्ग | अभिलेख |
|---|---|
| महिला | ९,१४३ |
| पुरुष | १२,८३० |
जन्म दशक के अनुसार अनुपात
हर जन्म समूह के एक लाख अभिलेखों में इस नाम का अनुपात। किसी दशक में अधिक रिकॉर्ड होने से उसका अनुपात अधिक होना आवश्यक नहीं है।
जन्म दशक के अनुसार मूल गिनती
| जन्म दशक | अभिलेख |
|---|---|
| १९३० का दशक | ८०७ |
| १९४० का दशक | १,७४७ |
| १९५० का दशक | ३,०५६ |
| १९६० का दशक | ४,२८७ |
| १९७० का दशक | ५,३४२ |
| १९८० का दशक | ४,८०५ |
| १९९० का दशक | १,७२० |
| अन्य दशक | २०९ |
राज्य या केंद्रशासित प्रदेश
| राज्य या प्रदेश | अभिलेख |
|---|---|
| महाराष्ट्र | १५,०१२ |
| हिमाचल प्रदेश | २,२७३ |
| झारखंड | १,८५७ |
| बिहार | १,६७९ |
| हरियाणा | ५४४ |
| राजस्थान | १९२ |
| उत्तर प्रदेश | १४५ |
| मध्य प्रदेश | १३७ |
| अन्य राज्य | १३४ |
स्रोत: Naampy, संस्करण ३, भारत, १० जून २०२५। जन्म वर्ष १९१०–२००१। सौ से कम गिनती और आवश्यकता होने पर एक दूसरी गिनती भी छिपाई जाती है। छिपी गिनती का अर्थ शून्य नहीं है।
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। तेलंगाना आंध्र प्रदेश में शामिल है। पुडुचेरी अलग दर्ज है।
स्रोत और संदर्भ
स्रोत में दिए शब्द का अर्थ और नाम का प्रयोग अलग प्रमाण हैं। अर्थ और आँकड़ों की पद्धति पढ़ें।